महराजगंज ( Uptv ): जनपद के एसके मोटर्स के ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे मुहिम में ठगी से पीड़ित लोगों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है. इस मामले की जाँच पुलिस के बड़े अधिकारी के हाथ में सौपीं गई है.

बीते दिनों पत्रकारों के समूह के साथ ठगी से पीड़ित ग्राहक जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की थी. मामले में पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने सभी पीड़ितों का एक – एक कर बयान सुना, उनके साक्ष्य देखे और ठगी के बड़े सिंडिकेट के भंडाफोड़ के लिए जिले के ईमानदार पुलिस अफसर “अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ” जी को जाँच करने की जिम्मेदारी सौप दिया है. सभी पीड़ितों को एसपी ने आश्वासन दिया है कि निष्पक्ष जांच करके ठगी के ठोस सबूत संरक्षित किए जाएंगे जिसके बाद कठोर कार्यवाही के लिए FIR दर्ज की जाएगी.

महराजगंज के अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ जी की कार्यशैली व जाँच पर, प्रदेश स्तर के अधिकारी भी आंख बंद करके विश्वास करते हैं इसका कारण एएसपी की ईमानदारी, मेहनत और निष्पक्षता है.

इनकी लगाई हुई रिपोर्ट पर बड़े से बड़े अधिकारी संदेह नहीं कर सकते. यही वजह है कि लोगों में भी इनकी ईमानदारी का बड़ा क्रेज है, और अब पीड़ित ग्राहक के चेहरे पर भी सन्तुष्टता नजर आ रही है उन्हें पूरा भरोसा है कि सिद्धार्थ जी की जाँच उन्हें न्याय दिलाएगी.

वहीँ एसके मोटर्स द्वारा कांग्रेसी नेता गोविंद मिश्रा को नोटिस भेजी गई थी जिसपर उन्होंने अपने कानूनी सलाहकार दिल्ली हाईकोर्ट के अधिवक्ता से एजेंसी मालिकों को जवाब भेजवाया है.

सूत्र बताते हैं कि एजेंसी मालिकों को नोटिस मिलने के बाद वह घबराए हुए हैं. अधिवक्ता ने कई उदाहरण देते हुए नोटिस का जवाब भेजा है कि एक राजनीतिक व्यक्ति का जीवन आम आदमी के लिए समर्पित होता है, आम आदमी के हक हुक़ूक़ की लड़ाई कभी एक पत्रकार लड़ता है तो कभी एक अधिवक्ता लड़ता है और जरूरत पड़ने पर सबसे पहले राजनीति से जुड़े सिस्टम सुधारकों की अगली श्रेणी में युवा नेता मिलता है.

खोजी पत्रकारिता की टीम बताती है कि ठगी के मास्टरमाइंड प्रभजोत सिंह, परमजीत सिंह और कुलवंत सिंह अपनी मुख्य डीलरशिप सेंटर पर आना छोड़ दिये हैं और अब राजनीतिक दलों की आँचल “संरक्षण” ढूढने में लगे हुए हैं. लेकिन ठगी का भंडाफोड़ होने के बाद ठगों के सर से सभी का हाथ उठ चुका है और अब यह कानूनी पेंच में उलझते दिख रहे हैं.

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