महराजगंज ( Uptv ): आईसक्रीम में मानक से कम गुणवत्ता मिलने पर अपर जिलाधिकारी ने सुनाया फैसला, आईसक्रीम कारोबारकर्ता पर लगा आर्थिक दण्ड, कारोबारियों में हड़कंप।

जनपद में खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर प्रशासन द्वारा कड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। न्याय निर्णायक अधिकारी/अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०) प्रशांत कुमार के न्यायालय में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा-26(2) के अंतर्गत मु० नं०-डी 202505470002086 (सरकार बनाम सुरेन्द्र कुमार पाण्डेय) वाद में फैसला सुनाया गया।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी के जाँच में मानक विहीन मिला नमूना

प्रकरण के अनुसार, लक्ष्मीपुर, नौतनवां स्थित आईसक्रीम निर्माण इकाई से संबंधित खाद्य
कारोबारकर्ता सुरेन्द्र कुमार पाण्डेय की इकाई में निर्मित आईसक्रीम की गुणवत्ता पर संदेह होने पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा नमूना संग्रहित कर जांच हेतु भेजा गया। प्रयोगशाला जांच में आईसक्रीम निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई।

दूध में वसा, ठोस प्रदार्थ तथा खाद्य सुरक्षा मानकों के विपरीत मिला नमूना

जांच रिपोर्ट के अनुसार, आईसक्रीम में दूध वसा की मात्रा मात्र 0.96 प्रतिशत पाई गई, जबकि नियमानुसार यह न्यूनतम 10 प्रतिशत होना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त, कुल ठोस पदार्थ की मात्रा 11.12 प्रतिशत पाई गई, जबकि मानक के अनुसार यह न्यूनतम 36 प्रतिशत होनी चाहिए। इस प्रकार उत्पाद खाद्य सुरक्षा मानकों के विपरीत पाया गया।

प्रस्तुत तथ्यों के आधार पर न्याय निर्णायक अधिकारी/अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०) द्वारा बीते 10 अप्रैल को जनपद के पुरन्दरपुर थानाक्षेत्र के ग्राम लक्ष्मीपुर निवासी खाद्य कारोबारकर्ता सुरेन्द्र कुमार पाण्डेय, पुत्र जवाहर पाण्डेय को 75,000/- (पचहत्तर हजार रुपये मात्र) के अर्थदण्ड से दंडित किया गया।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है। जनपद में आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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