महराजगंज ( Uptv ): मामला बीते गुरुवार व शुक्रवार का है जहाँ एक मरीज़ को लेकर जूनियर और सीनियर दो डॉक्टर आपस मे भीड़ गए, इस भिड़ंत में जूनियर डॉक्टर के करीबियों ने सीनियर डॉक्टर व इनके गुर्गों की छुट्टी कर दी।

दरअसल गुरुवार को एक मरीज़ एम्बुलेंस की सहायता से जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर अपना इलाज कराने पहुँचा. ट्रामा सेंटर में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने मरीज़ की स्थिति देखते हुए पूरी कर्तव्यनिष्ठा से प्राथमिक उपचार किया.

इसी दौरान सीनियर डॉक्टर अपनी ड्यूटी करने ट्रामा सेंटर पहुँचे। भर्ती मरीज़ को देखते ही सीनियर डॉक्टर ने जूनियर डॉक्टर से सवाल तलब करना शुरू कर दिया कि उक्त मरीज़ के बारे में हमे जानकारी क्यों नही दी।

जूनियर डॉक्टर ने कहा कि साहब मरीज़ एम्बुलेंस से आया था और प्राथमिक तौर पर इलाज़ करना मेरा कर्तव्य था इसीलिए मैंने इलाज़ किया है.

जूनियर डॉक्टर की इतनी सी बात, सीनियर डॉक्टर साहब को नागवार गुजर गई. इतने में सीनियर डॉक्टर ने अपने गुर्गो को बुलाया और फिर मामला तूल पकड़ने लगा।

सीनियर डॉक्टर की पुकार पर उनके गुर्गे अस्पताल के ट्रामा सेंटर पहुँचे और अपने आका की जी हुजूरी में लग गए.

मामला ट्रामा सेंटर के डॉक्टर कक्ष में पहुँचा, जहा सीनियर डॉक्टर व उनके गुर्गे, वही जूनियर डॉक्टर के साथ उनका भी गुर्गा पहुँच गया.

उक्त डॉक्टर कक्ष में मौजूद 5 लोगों के बिच बन्द कमरा ही अखाड़ा बन गया. डॉक्टर से ज्यादा गुर्गे चिल्लाने लगे और फिर जूनियर डॉक्टर पर हावी होने का प्रयास करने लगे.

जूनियर डॉक्टर ने सीनियर डॉक्टर की मर्यादा व इज्ज़त करते हुए अपने स्वर को धीमा कर, डॉक्टर कक्ष से बाहर निकल गए.

जूनियर डॉक्टर को अपनी कर्तव्यनिष्ठा निभाना भारी पड़ गया. इस भीषण भिड़ंत के बाद जूनियर डॉक्टर ने अपने करीबी एक बड़े नेता के प्रतिनिधि को पूरी दास्ताँ से रुबरु कराया.

प्रतिनिधि ने सीनियर डॉक्टर की करतूत सुन आगबबूला होते ही CMS को फ़ोन कर मामले की जानकारी देते हुए स्वास्थ्य मंत्री तक मामले को पहुचाने की बात कहकर फ़ोन काट दिया.

वही अगले दिन शुक्रवार को फायर मोड़ में CMS डॉ0 ए.के. द्विवेदी ने दोनों पक्षों को अपने चेम्बर में बुलाया और पटाक्षेप कराया।

इस दौरान CMS ने अनाधिकृत लोगो के द्वारा डॉक्टरों से विवाद करने पर सख्ती बरती और आगामी दिनों में ऐसा प्रकरण होने पर अनाधिकृत लोगो के विरुद्ध कड़ी कार्यवाई करने का अल्टीमेटम दे डाला।

वही अंदरखाने की खबर यह है कि उक्त प्रकरण में अनाधिकृत लोगो के द्वारा जूनियर डॉक्टर पर धौंस जमाने की बात पर समूचे डॉक्टरों के पैनल में आक्रोश है। डॉक्टरों का बदजुबानी कहना है कि यदि अनाधिकृत लोगो के द्वारा पुनः इस तरह की पुनरावृत्ति होती है तो एक बड़ा आंदोलन होगा।

वही उक्त घटना की चर्चा चहुँओर हो रही है, और लोगो की प्रतिक्रिया है कि यह घटना जिला अस्पताल में इतिहास में पहली बार इस तरह की घटना हुई है, उक्त प्रकरण में अनाधिकृत लोगो के द्वारा अस्पताल की छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है।

वही जिलाधिकारी ने उक्त प्रकरण की जानकारी मिलने पर अनाधिकृत लोगो के विरुद्ध मुहिम चलाकर गोपनीय तरीके से कार्यवाही करने के लिए अधिकारियों की टीम गठित कर दी है।

उक्त प्रकरण में CMS की पटाक्षेप के बाद मामला खत्म कराया गया।

जूनियर डॉक्टर व सीनियर डॉक्टर की तरफ से किसी भी प्रकार की तहरीर ( प्रार्थना पत्र ) नही दी गई है, किंतु मामला जिला अस्पताल के सभी कर्मियों के बीच कौतूहल का विषय बना हुआ है।

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