रविवार बना सिसवा नगर के लिए ब्लैक डे, सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
महराजगंज। कोठीभार थाना क्षेत्र के सिसवा नगर पालिका के मीराबाई वार्ड स्थित अमृत सरोवर में तीन मासूमों की डूबकर हुई मौत ने पूरे जिले को झकझोर दिया है। रविवार को हुई इस दर्दनाक घटना के बाद नगर में शोक और आक्रोश का माहौल है। सोमवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच तीनों बच्चों का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए और नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
घटना के बाद प्रशासन ने जिम्मेदारी तय करने की दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी है। नगर पालिका परिषद सिसवा के अधिशासी अधिकारी विंध्याचल की तहरीर पर अमृत सरोवर का निर्माण करा रही फर्म के प्रोपराइटर दीपक सिंह के खिलाफ कोठीभार थाने में गैर इरादतन हत्या समेत अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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प्राथमिक जांच में सामने आया है कि अमृत सरोवर की खुदाई के दौरान कई स्थानों पर गहरे गड्ढे छोड़ दिए गए थे। इतना ही नहीं, दुर्घटना से बचाव के लिए आवश्यक बैरिकेडिंग नहीं कराई गई थी और न ही लोगों को सतर्क करने के लिए चेतावनी बोर्ड लगाए गए थे। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्थाओं में लापरवाही को हादसे की प्रमुख वजह माना जा रहा है।
दुर्घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने मौके का जायजा लिया और बाद में मृतक बच्चों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। जिलाधिकारी ने प्रत्येक मृतक के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस हृदयविदारक घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए अधिकारियों को राहत एवं आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विवेचना कर रही है। प्रशासन का कहना है कि जांच के दौरान यदि किसी अन्य व्यक्ति या संस्था की लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस घटना के बाद नगरवासियों में अमृत सरोवर समेत अन्य सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
