महराजगंज: स्वास्थ्य विभाग की कार्यवाई के बाद भी सुधरने को तैयार नही जनता हॉस्पिटल ( अब आयुष्मान हॉस्पिटल ) के दलाल. ग़रीब मरीज़ो को बरगलाने पहुँचे जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर, कैमरा देखते दौड़कर भागे दलाल.

 

यह तस्वीरे है जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर की जहाँ ( पहले ) – जनता अस्पताल ( अब आयुष्मान अस्पताल ) के दलालों का जमावड़ा लगा था. इसी बीच घुघुली थाना क्षेत्र के गोपाला निवासी 28 वर्षीय अवधेश पुत्र भगवंत अपना इलाज कराने जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर पहुँचे थे. जहा ट्रामा सेंटर में तैनात चिकित्सक ने मरीज की नाजुक स्थिति देखकर हायर सेंटर बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया. मरीज को रेफर होता देख ( पहले )  जनता अस्पताल ( अब आयुष्मान अस्पताल ) के दलाल रामचन्द्र, गोरख व दो अन्य दलाल साथी मरीज के परिजनों को बरगलाने लगे. वही जब एक स्वास्थ्यकर्मी ने दलालों को मरीज को बरगलाने से।मना किया तो उक्त दलाल स्वास्थ्यकर्मी से झड़प करने लगे.

 

रामचन्द्र, गोरख व दो अन्य मनबढ़ दलालों के विरुद्ध पूर्व में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कार्यवाई भी की जा चुकी है किंतु यह दलाल जिला अस्पताल के स्टाफों से झड़प कर अपना धौंस जमाने की प्रयास में लगे रहते है.

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गोपाला निवासी 28 वर्षीय अवधेश के सीने व दाहिने पैर में गंभीर चोट लगी थी जिसका प्राथमिक उपचार कर हायर सेंटर रेफर कर दिया गया.

वही मरीज के परिजन सूझबूझ से अपने मरीज को हायर सेंटर बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले जाने का फैसला लिया और एम्बुलेंस की सहायता से बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले गए. 

गौरतलब है कि बीते माह अगस्त में स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों ने दलाली करने के वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर व जनता हॉस्पिटल में भारी अनियमितता मिलने पर कार्यवाई करते हुए अस्पताल का पंजीकरण तक निरस्त कर दिया था.

वही मात्र एक महीने के भीतर ही इन दलालों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से सांठ गांठ कर पुनः अपने निजी अस्पताल का पंजीकरण कराया. पंजीकरण के दौरान CMO कार्यालय के उच्चाधिकारियों के सुझाव पर जनता अस्पताल का नाम बदलकर आयुष्मान हॉस्पिटल कर दिया गया.

अब बड़ा सवाल यह है –  स्वास्थ्य विभाग की पिछली कार्यवाही का असर क्यों नहीं दिखा?

क्या विभाग के अधिकारी दलालों के साथ मिलीभगत में हैं?

जिला अस्पताल में दलालों की यह खुलेआम सक्रियता न सिर्फ स्वास्थ्य तंत्र पर सवाल खड़े कर रही है, बल्कि गरीब मरीजों की जिंदगी से भी खिलवाड़ का खुला उदाहरण पेश कर रही है।

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