*महराजगंज।* नेपाल में लगातार हो रही बारिश के बाद वाल्मीकि बैराज से छोड़े गए पानी से महराजगंज में नारायणी नदी उफान पर है। नदी ने पिछले 40 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। जिले के सबसे संवेदनशील टापू पर बसे सोहगीबरवा समेत दर्जनों गांव जलप्रलय में घिरे हैं, जहां जिंदगी और मौत की जंग के बीच प्रशासन ही ग्रामीणों के लिए उम्मीद बना हुआ है।
जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल के निर्देश पर एडीएम प्रशांत कुमार पूरी टीम के साथ ग्राउंड जीरो पर डटे हुए हैं। ADM खुद ट्रैक्टर और नाव के सहारे लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में गश्त कर रहे हैं।
एडीएम ने NDRF की टीम के साथ बाढ़ में फंसे लोगों का रेस्क्यू कराया। जो लोग अपने घरों की छतों पर शरण लिए हुए हैं, उन तक भोजन के पैकेट, पीने का पानी और जरूरी दवाइयां पहुंचाई जा रही हैं।
एडीएम प्रशांत कुमार ने कहा कि “हमारा लक्ष्य है कि एक भी बाढ़ पीड़ित भूखा न रहे। हर घर तक भोजन और राहत सामग्री पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है।”
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कम्युनिटी किचन शुरू किया गया है और मेडिकल टीमों को तैनात किया गया है। जिला प्रशासन ने सोहगीबरवा में मोर्चा संभाल रखा है। अधिकारियों की इस मुस्तैदी और फुर्ती को देखकर बाढ़ में फंसे ग्रामीणों को साहस मिल रहा है। ग्रामीणों ने शासन और जिला प्रशासन के इस सहयोग के लिए आभार जताया है।
