महराजगंज : इन महराजगंज जिले के जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ लगातार हो रही अभद्रता के कारण समूचे अधिकारी स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे है. पहले डीसी मनरेगा, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता और फिर बीते दिन ही जिले के जिला पंचायत राज अधिकारी श्रेया मिश्रा के कार्यालय में उनके साथ अभद्रता की गई. लगातार हो रही अभद्रता के कारण सभी अधिकारी अंदर खाने खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे है और जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा से खुद के सुरक्षा की गुजारिश कर रहे है.

डीसी मनरेगा के साथ उनके कार्यालय में हुई अभद्रता व मारपीट के बाद प्रदेश कर्मचारी संगठन ने आक्रोश दिखाया और फिर कोतवाली पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया, वही ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता की तहरीर पर अवर अभियंता व 3 – 4 अज्ञात के विरुद्ध कोतवाली में मुकदमा पंजीकृत किया गया है.

वही बीते दिन DPRO श्रेया मिश्रा के साथ पनियरा ब्लॉक के ग्रामसभा सोहास के प्रधानपति सतीश सिंह पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए ग्राम विकास अधिकारी एसोसिएशन व ग्राम पंचायत अधिकारी संघ ने देर शाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए 3 दिनों के भीतर निष्पक्षता से जाँच कराते हुए कार्यवाई करने का अल्टीमेटम दिया.

वही गुरुवार की दोपहर दर्जनों की संख्या में सहायक विकास अधिकारी संघ व सफारी कर्मचारी संघ एकजुट होकर DPRO के पक्ष में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए कार्यवाई की मांग करने लगे.

प्रधानपति ने आरोपों पर दी अपनी प्रतिक्रिया

वही कर्मचारी संघ के तमाम आरोपो पर गुरुवार दोपहर पनियरा ब्लॉक के ग्रामसभा सोहास के ग्राम प्रधानपति सतीश सिंह ने आरोपो पर पलटवार करते हुए DPRO श्रेया मिश्रा और अभद्रता का आरोप लगाने लगे.

सतीश सिंह ने बताया कि हमारे ग्रामसभा में अंत्येष्टि स्थल के निर्माण के लिए पनियरा विधायक का पत्र लिखा था जिसका प्रस्ताव लेकर हम व हमारी साथ कई ग्रामप्रधान कार्यालय पहुचे थे जिसपर DPRO ने अंत्येष्टि स्थल बनवाने का आश्वासन दिया.

सचिव का रोस्टर बदलने को लेकर बढ़ा मामला

वही सतीश सिंह ने आगे बताया कि हमारे ग्रामसभा में तैनात सचिव परमेश्वर दुबे का क्लस्टर बदलने को बीते 06 माह पूर्व जिलाधिकारी को पत्र सौंपा गया था किंतु कोई कार्यवाई नही हुई.

सतीश सिंह ने आरोप लगाते हुए बताया कि वर्तमान सचिव परमेश्वर दुबे का क्लस्टर बदलने को लेकर DPRO से गुहार लगाई गई किंतु DPRO ने सचिव का क्लस्टर बदलने से साफ मना करते हुए हम ग्रामप्रधानों को कमरे से बाहर जाने का निर्देश दिया. जिसपर वाद विवाद हुआ, इसके अलावा कोई अभद्रता नही की गई है.

3 दिन बाद जिलाधिकारी के नेतृत्व पर सभी अधिकारियों की टिकी निगाहें

विकास भवन में गहमागहमी के बाद दोनों पक्षों कमर्चारी संघ व प्रधानपति के द्वारा जिलाधिकारी को पत्र सौंपकर एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाया जा रहा है. आरोप प्रत्यारोप के बाद अब सभी अधिकारियों कर्मचारियों व प्रधानों की नजर अब जिलाधिकारी के आगामी कदम पर टिकी है.

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