महराजगंज: जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने बृहस्पतिवार को एनआईसी सभागार से ई-चौपाल का आयोजन कर जिले में शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं की समीक्षा की। इस वर्चुअल संवाद में शिक्षकों, पत्रकारों और आम नागरिकों ने जर्जर स्कूल भवनों, मिड डे मील, पुस्तक वितरण, युग्मन योजना और शिक्षकों की अनुपस्थिति सहित कई मुद्दों को जिलाधिकारी के समक्ष उठाया।

जिलाधिकारी ने समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बेसिक शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए त्वरित व ठोस कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि युग्मन व्यवस्था का उद्देश्य छात्र-शिक्षक अनुपात सुधारना और शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाना है। इसके तहत युग्मित विद्यालयों में अब बाल वाटिका की शुरुआत की जा रही है, जहां बच्चों को प्री-नर्सरी स्तर की शिक्षा दी जाएगी।

डीएम ने शैक्षणिक सत्र में शिक्षकों की सोशल मीडिया पर सक्रियता और अनुपस्थिति की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए बीएसए को ऐसे शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही निपुण परीक्षा की तैयारी अभी से शुरू करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जर्जर स्कूल भवनों का ध्वस्तीकरण प्राथमिकता पर किया जाए और बच्चों को किसी भी हालत में असुरक्षित भवनों में न पढ़ाया जाए। उन्होंने एसआरजी और एआरपी को पाक्षिक निरीक्षण डायरी बनाने और उसमें निरीक्षण संबंधी बिंदुओं को दर्ज करने का निर्देश दिया।
ई-चौपाल के दौरान कुछ शिक्षकों द्वारा आधार बनाने जैसे गैर-शैक्षणिक कार्य में लगाए जाने की शिकायत पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए तत्काल प्रभाव से ऐसे कार्य से शिक्षकों को हटाने का निर्देश दिया।
ये भी पढ़ें: नाक पर आक्सीजन पाइप…बाइक पर मरीज! UPTV के खबर का बड़ा असर, आरोग्य हॉस्पिटल की होगी उच्च स्तरीय जांच
जिलाधिकारी ने बीएसए को सभी प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई कर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश देते हुए कहा कि अधिकारीगण ईमानदारी से अपने दायित्वों का निर्वहन करें और परिषदीय विद्यालयों की गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित करें।
ई-चौपाल में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला सूचना अधिकारी सहित सभी खंड शिक्षा अधिकारी उपस्थित रहे।
