महराजगंज: जिले में इस समय स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है. जिलाधिकारी के निर्देशन में CMO श्रीकांत शुक्ला ने पत्र जारी कर दो निजी अस्पतालों के विरुद्ध जाँच कर, कड़ी कार्यवाई करने का निर्देश दिया है.
जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने 1 अगस्त को शिकायत के आधार पर CMO श्रीकांत शुक्ला को निर्देशित कर जिले में वैध/अवैध अस्पतालों तथा जिला अस्पताल व जिला महिला अस्पताल से मरीजों की खरीद – फरोख्त करने वाले दलालों पर कड़ी कार्यवाई करने का निर्देश दिया है. ऐसे में जिलाधिकारी के निर्देशन में CMO ने एक पत्र जारी करते हुए शिकायत मीली दो निजी अस्पतालों “जनता अस्पताल” व “गोल्ड अस्पताल” के विरुद्ध जाँच करने का निर्देश दिया है.
पत्र जारी होने के बाद प्राइवेट अस्पतालों के नोडल अधिकारी डॉ0 राजेश द्विवेदी ने दोनों अस्पतालों का निरीक्षण कर जाँच पड़ताल किया, साथ ही खामियां मिलने पर CMO समेत जिलाधिकारी को जाँच रिपोर्ट सौपेंगे.
DM के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की खुली नींद
जिले में चहुओर यह चर्चा है कि लंबे समय से जिला मुख्यालय पर स्वास्थ्य विभाग के कुछ अधिकारियों की रहमोकरम पर दर्जन भर वैध/अवैध अस्पताल संचालित हो रहे है. वही अब जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद कुम्भकर्णी नींद में सोए स्वास्थ्य विभाग की आंख खुल गयी है, और फिर आनन फानन में अस्पतालों की जाँच की जा रही है.
जिले में आधा दर्जन के करीब जेल से जमानत पर आए आरोपी डॉक्टर बनकर चला रहे है अस्पताल
सूत्रों के मुताबिक़ जिला मुख्यालय पर फर्जी तथाकथित डॉक्टर खुद को बड़ा डिग्री धारक डॉक्टर बताकर मरीजों का इलाज व ऑपरेशन कर रहे है जो मरीजों की जान लेने के आरोप में जेल की हवा खा चुके है और अब जमानत मिलने पर जिला मुख्यालय पर धड़ल्ले से अस्पताल चला रहे है और बकायदा CMO कार्यालय के बड़े अधिकारियों को अपना रहनुमा बताते है.
जिले के अधिकतर अस्पतालों में झोलाछाप कर रहे मरीजों का इलाज़ व ऑपरेशन
जिले में कई दर्जन अस्पतालों में झोलाछाप स्वयं बड़ा डिग्री धारक डॉक्टर बनकर मरीजों का इलाज कर रहे है और मरीजों के जान के साथ खिलवाड़ कर रहे है लेकिन क्या मजाल स्वास्थ्य विभाग का की एक मुहिम चलाकर इन अवैध अस्पतालों की जाँच कर झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्यवाई करें.
पारदर्शी व निष्पक्ष जाँच में दर्जन भर से ज्यादा अस्पतालों में लगेंगे ताले
स्वास्थ्य विभाग के द्वारा यदि जिले में संचालित हो रहे वैध/अवैध अस्पतालों की जाँच की जाएगी तो दर्जन भर से ज्यादा अस्पतालों में ताला लटक सकता है और दर्जन भर से ज्यादा झोलाछाप जेल की सलाखों के पीछे जा सकते है.
प्राइवेट अस्पताल व प्राइवेट नर्सिंग होम के नोडल अधिकारी की भूमिका संदेह के घेरे में
प्राइवेट अस्पतालों के नोडल अधिकारी डॉ0 राजेश द्विवेदी की जाँच प्रक्रिया सवालों के घेरे में बनी रहती है. आये दिन प्राइवेट अस्पतालों के जाँच पड़ताल का दौर जारी रहता है किंतु जांच केवल सरकारी दस्तावेजों में सिमट कर रह जाती है, धरातल पर जाँच का कोई असर नही दिखता.
जनपद का कोख छोड़, जनपद के अंतिम क्षोर पर कार्यवाई कर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी थपथपाते है अपना पीठ
स्वास्थ्य विभाग के जाँच अधिकारी जनपद के कोख ( जिला मुख्यालय ) छोड़ जनपद के अंतिम क्षोर व जनपद के इर्द गिर्द में छापेमारी कर अपना पीठ थपथपाते है जबकि जिला मुख्यालय पर अवैध लोग जिले के कोख को छलनी कर रहे है.
