प्राचीन ऐतिहासिक राम लक्ष्मण मंदिर का होगा कायाकल्प

महराजगंज : फरेंदा रोड स्थित टेढ़वा कुटी, इसका नाम जिस कुटी के नाम पर पड़ा और जिस नाम से इस स्थान की पहचान है. वह कुटी यूँ कहें वह मंदिर आज भी एक कुटी जैसा है.

स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अनदेखे और प्रशासन की लापरवाही से इस प्राचीन मंदिर का विकास आजतक नही हुआ.

सन 1913 की बनी हुई इस प्राचीन राम लक्ष्मण मंदिर की कई मान्यताएं हैं, यहाँ भक्तों का प्रतिदिन आना जाना रहता है, त्योहारों और किसी खास दिन पर भारी भीड़ जमा रहती है.

जिला मुख्यालय से बिल्कुल सटे इस मंदिर का विकास न होना “चिराग तले अंधेरा” जैसा है. मंदिर परिसर में आने वाले लोगों को शुद्ध पेयजल की भी व्यवस्था नहीं है, बरसात के दिनों में यह मंदिर कई फिट पानी मे डूबा रहता है.

विधायक के औचक मंदिर निरीक्षण से क्षेत्र में उनकी सराहना-

महराजगंज के सिसवां विधानसभा विधायक प्रेम सागर पटेल मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से लौटते समय एक होटल में नाश्ता करने पहुंचे थे तभी उनकी नजर इस प्राचीन मंदिर पर पड़ी, विधायक ने अपने सहयोगियों के साथ मंदिर का निरीक्षण करके दुर्व्यवस्था देख चिंता जताते हुए, मंदिर संस्थापक सदस्यों से मुलाकात की.
प्रेम सागर पटेल ने मंदिर के हर सम्भव विकास के लिए सदस्यों को वादा करके अपनी धार्मिक भावनाओं को प्रस्तुत किया.

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